माँ
आज मैं मेरे भगवान के बगल में बगल में लेटा हूँ,वो मेरा ख्याल खुद से ज्यादा ,खुद को भुला के रखता है
मैं न खाऊँ अगर तो वो बिना खाये रहता है,मेरे घर आने की आशा में वो पलक बिछाये रहता है,वो भगवान मेरा मेरी "माँ" है।
माँ से बढ़कर त्याग और तपस्या की मूरत भला और कौन हो सकता है ?
हम पढ़-लिख लें, बड़े हो कर कुछ बन जाएं इसके लिए वो चुपचाप ना जाने कितनी कुर्बानियां देती है, अपनी ज़रूरतें मार कर हमारे शौक पूरा करती है। यहाँ तक कि संतान बुरा व्यवहार करे तो भी माँ उसका भला ही सोचती है! सचमुच, माँ जैसा कोई नहीं हो सकता!
मैं सौभाग्यशाली हूँ कि माता-पिता मेरे साथ सशरीर है,इनकी उपस्थिति ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है ।मैं भगवान से कर बद्ध प्रार्थना करता हूँ उनकी आयु दीर्घ हो,वो हमेशा खुश रहे ।
हे ईश्वर! मुझे इस काबिल बनाना की मैं उनके घावों का मरहम बन सकूँ,उनकी खुशियों की वजह बन सकूँ।
संसार की समस्त माँओ को के चरणों मे प्रणाम 🙏
माँ के प्यार की गहराई तो देखो
चोट लगती है हमे और रो देती माँ
फिक्र में घर बार बच्चो के ऐसे भूल जाती माँ
सुकूँ के दो पल भी अपने लिए नही खोज पाती माँ
थककर जब रात की खामोशी मे सो जाती माँ,
तब कहीं जाकर थोड़ा सा सुकून पाती माँ,
लौटकर जब तक न जाऊँ सफर से मैं
चौखट में बैठे-बैठे , विभा बिता देती माँ
सुक्रिया उसका कभी हो ही सकता नही अदा
मरते-मरते भी दुआ जीने की दे जाती माँ
प्रेम कहते है किसे और ममता क्या चीज है ?
ये बात उनसे पूछो, जिनकी माँ नही होती।।
कैसा लगा जरूर बताएं ,,🙏